
*नारनौल अनाज मंडी के व्यापारी के 32500 रुपए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच नारनौल सिटी प्रधान के सहयोग से वापस मिले*
नारनौल अनाज मंडी के एक व्यापारी घनश्याम मित्तल छापड़ा वाले को अपनी बेटी के अकाउंट में यूपीआई के माध्यम से 32500 रुपए की पेमेंट डालनी थी, परंतु गलती से वह दूसरे के अकाउंट में
चल गई। बाद में ज्योंहि घनश्याम मित्तल को इस बात का एहसास हुआ तो वो घबरा गए और उन्होंने अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच के नारनौल सिटी के प्रधान अमित गोयल (सीताराम) को सारे मामले की जानकारी दी।
*अमित गोयल ने तुरंत ही साइबर क्राइम सेल नारनौल के अधिकारीयों के संज्ञान में मामला लाकर अकाउंट को ट्रेस करवाया, जोकि झज्जर का था। गनीमत रही कि वह खाता काफी समय से बंद था। साइबर क्राईम सेल अधिकारियों ने तुरंत झज्जर साइबर क्राइम शाखा को मामले की पूरी जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए घनश्याम मित्तल की 32500 रुपए की पेमेंट बैंक से उन्हें वापस दिला दी। इसके लिए घनश्याम मित्तल ने व्यापारी नेता अमित गोयल (सीताराम) का धन्यवाद किया कि व्यापारी नेता की मदद से उनके पैसे उन्हें वापस मिल पाए हैं। अन्यथा उन्होंने तो सोच लिया था कि यह पैसे वापस आने मुश्किल है।*
श्री मित्तल ने व्यापारी नेता के अतिरिक्त साइबर सेल नारनौल व झज्जर के अधिकारियों का भी शुक्रिया अदा किया, कि उनके द्वारा तुरंत कार्रवाई करने से उनके पैसे वापस मिल पाए हैं। घनश्याम मित्तल ने आम लोगों से भी निवेदन किया यदि उनके साथ भी कोई ऐसी घटना हो जाए तो उन्हें मामले को साइबर सेल के अधिकारियों के संज्ञान में तुरंत लाना चाहिए। हमारे साइबर क्राइम अपराध के अधिकारी बड़े ही सुलझे हुए हैं और वो आपकी रकम को वापस दिलाने में आपके सहायक सिद्ध हो सकते हैं।





